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अनुभव · 2W ago

सोशल मीडिया का नव-भारत !

सोशल मीडिया का नव-भारत !साल २०२५, स्थान -सेंट्रल पार्क, कनाट प्लेस। गेरुआ-काले- हरे कपड़े में
अनुभव · 2W ago

खेत-खलिहान और चिड़ियाँ

दूर दूर तक खेत। खेतों में कदम्ब के  पेड़। हल्की हवा। दस दिनों तक झुलसा देने वाली धूप के बाद आज सुबह से बादलों ने डेरा जमा लिया है, बरखा की आशा है। खेत और सब्ज़ी को पानी चाहिए। यदि बारिश होती...
अनुभव · 2W ago

शब्द किसान, विषय राजनीति

'किसान' शब्द पर लंबी बातें होती है। उधर, किसान को मक्का का मूल्य नहीं मिल पाता है। किसान हर
अनुभव · 4W ago

बिहार बोर्ड के 64% बच्चे नहीं बल्कि हम सब फेल हुए हैं

आज बोर्ड का जो रिजल्ट आया है, यही बिहार की सच्चाई है। नीतीश कुमार को अब सरकारी स्कूल और कॉलेज पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। नहीं तो वह वक्त भी हम बिहारी देखेंगे जब हम पांचवीं में ही बच्चों...
अनुभव · 4W ago

मधेपुरा में कुछ अलग कर रहे आशीष सोना

गीतकार राजशेखर जब पूर्णिया -चनका आए थे तो उनके संग एक व्यक्ति और आए थे। हंसमुख, समस्याओं के जाल को नकारने वाला और हाँ हर वक़्त कुछ अलग करने की धुन में रमा रहने वाला। वे पहली ही मुलाक़ात में ...
अनुभव · 1M ago

प्रकृति से जुड़ा मन सुविधाओं की ओर नहीं भागता

दैनिक भास्कर अखबार मेंं प्रकाशित-15 मई 2017बचपन से ही किसान और जवान को लेकर केवल और केवल परेशान हो जाने वाली बात सुनता आया हूं। किसान परेशान है , बेहाल है जैसी बातें। बिहार के किसान परिवार म...
अनुभव · 1M ago

खेत-खलिहान, फूल-पत्ती और सब्जी

खेती-बाड़ी करते हुए कई तरह के अनुभव मिल रहे हैं। सच कहिए तो दो साल पहले तक डरपोक किस्म का किसान था। पहले यह सोचकर ही डर जाता था कि बिन मौसम बारिश, आंधी-तूफान या फिर कम बारिश के कारण खेती प्र...
अनुभव · 1M ago

इन सबका दुःख गाओगे या नहीं- भवानीप्रसाद मिश्र

इस बार शुरू से धरती सूखी हैहवा भूखी हैवृक्ष पातहीन हैंइस बार शुरू से ही नदियां क्षीण हैं,पंछी दीन हैंकिसानों के चेहरे मलीन हैंक्या करोगे इस बारइन सबका दुःख गाओगे या नहींपिछले बरस कुछ सरस भी ...
अनुभव · 2M ago

'रवीश को गरियाओ राष्ट्रीय योजना आयोग'

यह मुल्क का 'गरियाओ काल' है। जो बिना मतलब के गरियाएगा वही सही कहलाएगा। स्कूल,सड़क, बिजली, अस्पताल आदि के हाल पर न बोलकर, उन मुद्दों की बात करने वाला ही महान कहलाता है जो सोशल मीडिया की अटरिय...
अनुभव · 2M ago

चम्पारण सत्याग्रह के सौ साल की ख़बरों के बीच...

पूर्णिया में एक मोहल्ला है -श्रीनगर हाता। कलक्टर साहेब और अन्य आला अधिकारियों का आवास इसी मोहल्ले में है, इसलिए इलाक़ा सबसे साफ़ है। आज सुबह सुबह यहाँ दो ट्रक दिखे, जिसमें गांधी जी की बड़ी-ब...