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आरंभ · 1W ago

आधुनिकता बोध या पतनशील लोक

एक जमाना था जब मोटियारी टूरी-टूरा मिथलेश साहू और ममता चंद्राकर के गाये ' मोर चढ़ती जवानी के...
आरंभ · 3W ago

अमेरिकी विली बाबा की लास्ट विल-मुझे छत्तीसगढ़ में ही दफनाना

विश्रामपुर में दशकों रहकर 1967 में अमेरिका लौटे थे विलियम विटकम, यहीं दफन करने की अंतिम इच्छा, बेटी तथा परिजन लाए अंतिम अवशेष दैनिक भास्‍कर के लिए रिपोर्टिंग : परिष्‍ठ पत्रकार जॉन राजेश पॉल ...
आरंभ · 3W ago

एक बाल कवि की जबरदस्‍त मुक्‍तक प्रस्‍तुति : वीडियो देखें

छत्‍तीसगढ़ के बलौदाबाजार के मयंक वर्मा के मुक्‍तक का आनंद लेवें, मेरा दावा है आपको भी पसंद आयेगा. Mayank verma ,balodabazar
आरंभ · 1M ago

लघु कथा : जूता निकालो

सुबह की दिनचर्या में दादाजी अपने लाडले छोटे पोते को रोज घर के नजदीक स्कूल पैदल छोडने जाया करते। स्कूल से लौटने के बाद दादाजी अखबार पढते, चाय पीते फिर घर में मरम्मत करवाए जा रहे, कमरों, दाला...
आरंभ · 1M ago

छत्‍तीसगढ़ी शब्दकोशों की दशा

सामान्यत: कोश किसी न किसी रूप में भण्डार, ढेर या खजाने को सूचित करने वाला शब्द है। संस्कृत हिन्दी शब्दकोश में 'शब्दकोश' को शब्दार्थ संग्रह कहा गया है, तो अशोक मानक हिन्दी-हिन्दी शब्दकोशकार न...
आरंभ · 1M ago

जनजातियों को मुख्यधारा में नहीं उन्हें मुख्यधारा मानकर हो विकासः प्रो. शुक्ल

राजिम दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापनसंगोष्ठी में 200 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत, विदेश से भी आया शोध पत्ररायपुर-  राजिम के राजीव लोचन शासकीय महाविद्यालय में लोक साहित्य में जनजातीय संस...
आरंभ · 1M ago

छत्तीसगढ़ी उपन्यासों की सूची

1. हीरू के कहिनी 1926 पाण्डेय बंशीधर शर्मा2. दियना के अंजोर 1964 शिवशंकर शुक्ल3. मोंगरा 19...
आरंभ · 1M ago

शुभदा मिश्र कहानी : दृष्टि दोष

घर के सामने हाते में बैठी थी वह।ठण्ड की दुपहरी। हल्की गुनगुनी धूप। महकती बगिया का छोटा सा आहाता। चारों ओर बेल और गुलाब की खिलती कलियां। सबसे सामने गुलदाउदी के श्वेत फूल। फाटक पर बसंत मालती क...
आरंभ · 1M ago

जनकृति अंतर्राष्‍ट्रीय पत्रिका के लोकभाषा विशेषांक में छत्‍तीसगढ़ी

आप सब जानते हैं कि छत्तीसगढ़ी की उत्पत्ति अधर्मागधी - प्राकृत - अपभ्रंशों से हुई है। अर्ध मागधी के अपभ्रंश के दक्षिणी रूप से इसका विकास हुआ है। यह पूर्वी हिन्दी का एक रूप है जिस पर अवधी का बहुत अधिक प्रभाव है। अवधी के प्रभाव के कारण ही छत्ती्सगढ़ी भाष...
आरंभ · 1M ago

संतोष झांझी की कहानी : आश्रम

1‘जी कुल अडतीस लोग हैं’ , थर्टी एट औरत मर्द मिलाकर, बाकी चार पांच स्टाफ के लोग हैं खिदमतगार ...स्कूल की घंटी की तरह थाली पर चम्मच बजने की आवाज़ आने लगी | दोपहर के अढाई बज रहे थे | खाना खाकर श...