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जोग लिखी अपने समय, साहित्य और समाज पर मेरी टिप्पणियां

Hindi - Culture, Life, Literature
http://dpagrawal.blogspot.in/
जोग लिखी · 5d ago

बड़े लोगों के बड़े और अजीबो-गरीब उपहार

उपहार हमारे सामाजिक व्यवहार का अभिन्न अंग हैं. इनसे जहां देने वाले की सुरुचि और कल्पनाशीलता का पता चलता है वहीं यह बात भी उभरती है कि उपहार देने वाला उपहार पाने वाले के बारे में कितनी जानकार...
जोग लिखी · 1W ago

हम खुद अपनी समस्याएं हल क्यों नहीं करना चाहते?

देखते-देखते हमारे चारों  तरफ की दुनिया में बहुत कुछ बदलता जा रहा है. हर बदलाव हमारे मन में बहुत सारी आशंकाएं पैदा करता है. हम भयभीत होते हैं, उसे नकारने के प्रयत्न करते हैं, उसका प्रतिरोध कर...
जोग लिखी · 2W ago

एक खेल जो आपको आत्महत्या के लिए उकसाता है!

इन दिनों एक इण्टरनेट खेल खूब चर्चा में है. इस खेल की चर्चा ग़लत कारणों से है. शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता हो जब दुनिया के किसी न किसी कोने से किसी बालक, किशोर या युवा के इस खेल  की वजह से अपनी ...
जोग लिखी · 3W ago

मर कर भी चैन न पाया तो शहर-ए-खामोशां चले जाएंगे!

मृत्यु कवियों-शायरों का प्रिय विषय रहा है. हरेक ने इसे अपनी तरह से समझने और व्याख्यायित करने का प्रयत्न किया है. हरेक का अपना लहज़ा और अपना रंग. कुछ ने तो मृत्यु का इतना दिलकश चित्रण किया है ...
जोग लिखी · 4W ago

बर्न आउट से मुक्ति के लिए तिब्बती बौद्ध मार्ग की शरण में

आप में  से  बहुतों को उस विज्ञापन की जरूर   याद होगी जिसमें एक थके हारे आदमी को एक बिचारा काम के  बोझ का  मारा कह कर इंगित किया जाता था.  इस  विज्ञापन के नायक की याद मुझे यह पढ़ते हुए आई  कि ...
जोग लिखी · 2M ago

कुछ समुदायों की घटती जनसंख्या भी है समस्या

सामान्यत: इस बात से सभी सहमत हैं कि भारत की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है इसकी बढ़ती हुई जनसंख्या. आज़ादी के बाद से विभिन्न सरकारों ने अपने-अपने अंदाज़ में जनसंख्या वृद्धि पर काबू पाने के प्रय...
जोग लिखी · 2M ago

कुत्ता पुराण उर्फ़ अच्छे परिवारों के कुत्ते भी अच्छे होते हैं!

अगर कोई व्यक्ति अमरीका के किसी बड़े शहर में कोई घर या अपार्टमेण्ट खरीदना या किराये पर लेना चाहे तो उसे न सिर्फ अपनी आर्थिक-सामाजिक  स्थिति, अपने परिवार आदि के बारे में आश्वस्तिदायक एवम प्रामा...
जोग लिखी · 2M ago

तबीयत से उछाला एक पत्थर और कर दिया आकाश में छेद!

मंगोलिया की डॉक्टर ओदोंतुया दवासुरेन जब महज़ सत्रह बरस की थीं और घर से काफी दूर लेनिनग्राड में रहकर पढ़ाई कर रही थीं तब फेफड़ों के कैंसर ने पिता को उनसे छीन लिया था. बाद में कभी उन्होंने बताया ...
जोग लिखी · 2M ago

मशीनें मनुष्य की पूरक ही हैं, विकल्प नहीं!

अठारहवीं शताब्दी में ब्रिटेन मे शुरु हुई औद्योगिक क्रांति ने हमारे जीवन को आधारभूत रूप से बदल कर रख दिया. जीवन का हर पहलू इससे प्रभावित हुआ. कल तक जो काम मनुष्य सिर्फ और सिर्फ अपने हाथों से ...
जोग लिखी · 2M ago

किस्सा तलाक की देवी का

हर भाषा में ऐसे अनगिनत शब्द होते हैं, जिनका किसी भी दूसरी भाषा में ठीक-ठीक अनुवाद नामुमकिन होता है. अंग्रेज़ी भाषा का ऐसा ही एक शब्द है डीवा (Diva) जिसकी उत्पत्ति जिस इतालवी संज्ञा से हुई उसक...