Add Your Blog | | Signup
तस्वीर क्या बोले · 1Y ago

२३ जनवरी २०१६ का चित्र और भाव

प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल पत्थर हो तुम ...पत्थर हो तुमपत्थर ही रहोगेकल तकजिस नदी का हिस्सा थेवो आजअविरल बहते बहतेकिसी अनजान रास्तो सेचलकर दूर निकल गईराह में तुमसे मुसाफिरउन लहरों की थाप कोअपना मान...
तस्वीर क्या बोले · 1Y ago

५ जनवरी २०१६ का चित्र और भाव

प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल ~ हकीकत ~कहने को तेरे शहर मैं रौनक बहुत हैमगर बदल जाती है ये तस्वीर लम्हा लम्हायूं तो सागर में लहर खिलवाड़ करती हैमगर साहिल संभाल लेता है नौका डरते डरतेपंछी अपनी जागीर समझ...
तस्वीर क्या बोले · 1Y ago

९ दिसम्बर २०१५ का चित्र और भाव

प्रतिबिम्ब बड़थ्वालआखिर कब तक ?एक स्वपन देखा थामित्र और सृजनहिन्दी का प्रतीक बनेबस एक प्रयास भर थाशुरुआत अच्छी थीसहयोग भावो कानिरंतर मिलता गयालेकिन शायदप्रतिभा अब चमक उठीनाम कहीं और मिलने लग...
तस्वीर क्या बोले · 2Y ago

१२ नवम्बर २०१५ का चित्र और भाव

इस बार चित्र पर आप को दो भाव लिखने है शीर्षक बेसक एक हो - एक सकारत्मक और एक नकारात्मक - कम से कम ६ पंक्तियाँ अवश्य होनी चाहिए हर भाव मेंKiran Srivastava "दांव"(1)ये जीवन भीदांव खेलती है,कभी ...
तस्वीर क्या बोले · 2Y ago

४ नवम्बर २०१५ का चित्र और भाव

नैनी ग्रोवर --इंतज़ार--अंधेरों में बैठे, इंतज़ार कर रहे हैं हम रौशनी का,कब निकलेगा सुनहरा चाँद, कब देखेंगे मुँह चांदनी का..ग़ुम हो गए सारे नज़ारे, गुमसुम हुई बहारें,खो गए जाने कहाँ, अम्बर से तार...
तस्वीर क्या बोले · 2Y ago

२५ अक्तूबर २०१५ का चित्र और भाव

प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल ~एक रिश्ता ~सजाया था एहसासों सेबनाया था जिसे हमने अपने शब्द भावो सेएक रिश्ता अपना साआज वक्त के साथ बेगाना सा लगने लगादरवाज़ा बंद कर लिया अबदिल का वो कमरा खंडहर नज़र आता हैए...
तस्वीर क्या बोले · 2Y ago

६ अक्तूबर २०१५ का चित्र और भाव

प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल ~सही निर्णय ~रुका तो है पथलेकिनरास्ता कोई न कोईनिकल ही आएगाजीवन एक संग्रामलड़ना तो होगा हीसंही समय पररास्तादाए या बाएपीछे या सामनेनज़र आ ही जाएगा.भय, हार सेकोई न जीत पाया ह...
तस्वीर क्या बोले · 2Y ago

18 सितम्बर 2015 का चित्र एवं भाव

Kiran Srivastava "संतुलन"असंतुलनके बीजसे उपजीकटीली झाड़ियाँ.....लहुलुहान होतेजीवन.....विघटित होतेपरिवार.....जीवन कीकठिन डगर.....जरुरत हैसंतुलन की.....संतुलनसुगम करताराहों कोलक्ष्य औरमंजिल को....
तस्वीर क्या बोले · 2Y ago

५ सितम्बर २०१५ का चित्र और भाव

बालकृष्ण डी ध्यानी ~सवाल अकेले में~जब भी सवाल अकेले में मैं अपने आप से करूँबदल बदल सा क्यों मै आज खुद को दिखूंमेरी परछाई कुछ बताती है वो आज मुझेअँधेरे उजाले में कैसे उसके साथ साथ चलूँशक्ल अक...
तस्वीर क्या बोले · 2Y ago

२६ अगस्त २०१५ का चित्र और भाव

अलका गुप्ता --चंद हाईकू ------------(१)गंध हो माटी !हरियाले से गाँव !पेड़ों की छाँव !---------(२)खाद-गोबर !हलधर किसान !हों खलिहान !---------------(३)माँ के हाथों !महकाए जीवन !चूल्हे की रोटी !...