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नवोत्पल · 5h ago

#21# साप्ताहिक चयन: भगवान के भी भगवान / *प्रज्ञा सिंह '

प्रज्ञा सिंहजनता नेता में नायक तलाशती है, तो वह उम्मीद नाहक नहीं, पर नेता सेवा भी मैनेज कर लेता है. जोर-शोर से गाड़ियाँ गुजरती हैं, बहुधा उन स्मूद पहियों तले रौंदे जाते हैं जाने कितने घरौंदे....
नवोत्पल · 1d ago

#3# नोटबंदी में आशिक़ी : हिमाद्री बरुआ

भाग-lभाग-2भाग-3 (आख़िरी भाग)तो बात कुछ ऐसी हुई के लाईन में उसने मुझे अपने आगे बड़े रौब से खड़ा कर लिया और मेरे दिल में कबूतर फिर से फड़फड़ाने लगे. मेरा हाल 13 साल की उस लड़की की तरह था जो अपनी क्ल...
नवोत्पल · 1d ago

लव इन द टाइम ऑफ़ इलेक्शन: आलोक झा

आलोक झा लोकप्रिय युवा कथाकार हैं l विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से इनकी जीवंत उपस्थिति दिखती है l बेहद सक्रिय बिंदास अल्हड़ व्यक्तित्व, ज़िंदगी का रेशा रेशा महसूसने में यकीन l सम्प्रत...
नवोत्पल · 4d ago

#2# नोटबंदी में आशिक़ी : हिमाद्री बरुआ

नोटबंदी में आशिक़ीभाग – 1भाग- 2 तो आप लोगों की दुआ कुछ ऐसी रंग लाई की तीन दिन बाद वो दिख गया.लेकिन आज कतार में वो इतनी आगे खड़ा था कि मुड़ कर देखे तो भी नज़र ना आऊँ, हाँ.. मैं लेट हो गई, करीब एक...
नवोत्पल · 4d ago

#२# दिल की डायरी: मन्नत अरोड़ा

फिर हिम्मत बटोर कर ऊपर गयी बाकी सब पीछे ही थे।पर जितना परेशान थी वैसा अब कुछ भी नहीं था।दरवाजा पूरा का पूरा खुला मिला।अंदर जाते ही समझ में आया कि लड़कों का मेला आखिर दरवाज़े पे क्यों था?होटल व...
नवोत्पल · 5d ago

#1# नोटबंदी में आशिक़ी : हिमाद्री बरुआ

हिमाद्री बरुआ आदरणीया हिमाद्री बरुआ बेहद सक्रिय लेखिका हैं. गहरे अकादमिक ट्रेनिंग से आने के बावजूद भाषा में इनकी रवानगी देखते ही बनती है. लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं में आपकी लेखनी के रंग क...
नवोत्पल · 1w ago

#20# साप्ताहिक विशिष्ट चयन: हमारे बच्चे अंग्रेज़ी पढ़ते ,बोलते हैं / 'मार्टिन जॉन '

मार्टिन जॉनआदि का पता नहीं और पता नहीं अंत का, पर समय बाँध कलायीं पर लोग बेतहाशा दौड़े जा रहे. एक रेस है, सरपट भागे जा रहे लोग. इस, समय सापेक्ष दौड़ को जाने-अनजाने बच्चों के डी.एन.ए. में रोप द...
नवोत्पल · 1W ago

मेरे प्रिय कवि /विमल चन्द्र पाण्डेय/ की कविता- प्रशांत पाण्डेय

"Poetry is a window onto the breath-taking diversity of humanity." — Irina Bokova, UNESCO Director-General________________________________________________________________प्रशांत पाण्डेय*
नवोत्पल · 1W ago

#१# दिल की डायरी: मन्नत अरोड़ा

दिल की डायरी:साभार-गूगल यूँ ही तो मिले थे हम...!हादसे हो जाते हैं जिंदगी में, अब सब कुछ अपनी मर्ज़ी या फ़ितरत से हो यह भी तो जरूरी नहीं। मेरे लिए वो एक सिरफिरा या मनचला लड़का ही तो था जो कि मुझ...
नवोत्पल · 1W ago

प्रिय सांसद मनोज तिवारी जी...अभिनव मिश्र