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शंखनाद · 5M ago

केशलेश पालिसी अनिवार्य हो या एच्छिक !!

नोटबंदी पर सरकार को व्यापक जनसमर्थन मिला और यह कोई साधारण बात नहीं थी कि इतने बड़े फैसले पर देश की जनता प्रधानमंत्री के साथ खड़ी हो गयी ! लालबहादुर शास्त्री जी के बाद मोदी जी पहले प्रधानमंत्री...
शंखनाद · 6M ago

सरकार की नोटबंदी योजना में सुराख नजर आने लगे !!

सरकार नें नोटबंदी की जो योजना लागू की वो अच्छी तो थी जिसका लोगों नें स्वागत भी किया लेकिन अब सरकार की इस योजना में कई कमियां भी नजर आनें लगी है ! अगर सरकार नें इनकी तरफ ध्यान नहीं दिया तो फि...
शंखनाद · 6M ago

नोटबंदी का विरोध कितना जायज है !!

देश के प्रधानमंत्री नें पांच सौ और हजार के नोट बंद करने की घोषणा की जो कालेधन की अर्थव्यवस्था पर जबरदस्त प्रहार था ! लेकिन इतने अच्छे निर्णय पर भी देश की राजनैतिक पार्टियां एकजुट नहीं हो सकी...
शंखनाद · 1Y ago

इलेक्ट्रोनिक मीडिया की विश्वनीयता !!

भारतीय लोकतंत्र में मीडिया को चौथे खम्भे के तौर पर जाना जाता है ! लेकिन वो चौथे खम्भे के तौर पर ही माना जा सकता है जब तक उसकी विश्वनीयता बची रहे ! लेकिन आज सवाल उसकी इसी विश्वनीयता पर ही उठ ...
शंखनाद · 1Y ago

हिंदी क्या कभी न्याय की भाषा बन पाएगी !!

कुछ दिन पहले भारत सरकार नें सर्वोच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालयों में हिंदी लागू करने के प्रश्न को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में जो हलफनामा दायर किया था ! जिसका जिक्र अखबारों के पन्नों पर तो ह...
शंखनाद · 1Y ago

क्या भारतीय इलेक्ट्रोनिक मीडिया हिन्दुविरोधी एजेंडे पर काम कर रहा है !!

भारत का मीडिया ( मेरा यहाँ मीडिया से तात्पर्य केवल इलेक्ट्रोनिक मीडिया से है ) क्या किसी छुपे एजेंडे पर काम कर रहा है ! अगर विगत में और वर्तमान में घटित घटनाओं पर नजर डालें तो आपको आभास हो ज...
शंखनाद · 1Y ago

आधार अथवा निराधार !!

भारत सरकार आधार कार्ड को अनिवार्य जैसा ही करती जा रही है जबकि पिछले साल सर्वोच्च न्यायालय नें स्पष्ट तौर पर सरकार को कहा था कि आधार कार्ड अनिवार्य नहीं किया जा सकता है ! और तत्कालीन सरकार ने...
शंखनाद · 1Y ago

हिंदी दिवस : मन की व्यथा शब्दों की जुबानी !!

हर साल १४ सितम्बर को हिंदी दिवस आता है तो हिंदी प्रेमियों का मन एक ऐसी टीस ,ऐसी पीड़ा से भर जाता है जिसका अंत होनें का रास्ता दूर दूर तक दिखाई नहीं देता है ! हिंदी दिवस भी पितृ पक्ष के आस पास...
शंखनाद · 1Y ago

मोबाइल कंपनियां क्या टूजी घोटाले का नुकशान आम उपभोक्ता से वसूल रही है !!

मोबाइल कंपनियां क्या टूजी घोटाले का नुकशान आम उपभोक्ता से वसूल रही है या फिर सरकार द्वारा मोबाइल कंपनियों को खुली लूट की छुट दे दी गयी है ! अगर पिछले कुछ समय से मोबाइल कंपनियों द्वारा टूजी ड...
शंखनाद · 1Y ago

लव जिहाद : सच्चाई है या कपोल कल्पना है !!

आजकल मीडिया में लव जिहाद की चर्चा जोरों पर है लेकिन क्या लव जिहाद मीडिया की उपज है ! अगर हम इस शब्द की उपज पर ध्यान दें तो यह शब्द मीडिया की उपज नहीं है बल्कि शोशल मीडिया में लव जिहाद की चर्...