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*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

होलिका दहन

  होलिका दहन एक हसीना थी बड़ी नाजनीना थी जलवे दिखाती थी सबको जलाती थी करती थी ठिठोली नाम था  होली उसको था वरदान कोई भी इंसान उसका संग पायेगा बेचारा जल जाएगा और एक प्रह्लाद था एकदम फौलाद था ग्...
*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

भिक्षामदेही

       भिक्षामदेही          तुम कोमलांगिनि ,मृदुदेही          है हृदय रोग ,  मै  मधुमेही           मै प्यार मांगता हूँ तुमसे ,           भिक्षामदेही ,भिक्षामदेही दीवानों का दिल लूट लूट ,तुमन...
*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

गोबर की अहमियत

        गोबर की अहमियत हमारी जिंदगी में कदर कितनी गाय भेंसों की ,एक छोटे से उदाहरण से ,समझ सब आप सकते है करे इंसान विष्टा तो,बहा  दी जाती है फ्लश में,करे गर गाय गोबर तो,हम उपले थाप रखते है प...
*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

न रंग होली के फागुन में

       न रंग होली के फागुन में लड़कियां देख कर 'घोटू' बहुत फिसले लड़कपन में हुई शादी, हसरतें सब, रह गई ,मन की ही मन मेंकिसी को ताक ना सकते,कहीं हम झाँक ना सकते ,बाँध कर रखती है बीबी, हमे अब  अ...
*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

आशिक़ी और होली

       आशिक़ी और होली जलवा दिखा के हुस्न का ,हमको थी जलाती ,   ये जान कर भी  रूप पर ,उनके हम  फ़िदा  हैहमको न घास डालती थी जानबूझ कर ,      हम समझे हसीनो की ये भी कोई अदा  हैदेखा जो किसी और को...
*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

होली की जलन

        होली की जलन                   १ सुंदर कन्या कुंवारी ,जिसका रूप अनूप ज्यों गुलाब का फूल हो,या सूरज की धूप या सूरज की धूप ,हमारे  मन को  भायी  लाख करी कोशिश,मगर वो हाथ  न आयी हमे जलाती...
*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

पांच तत्व की प्रतिमा -नारी

 पांच तत्व की प्रतिमा -नारी हमार काया को प्रभु ने पांच तत्वों से बनाया हवा,पानी ,अग्नि ,धरती और आकाश पर इनका आभास नारी में होता है ख़ास उनमे हवा तत्व है भरपूर मिलता उनकी इजाजत के बिना ,घर का ...
*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

पांच तत्व की प्रतिमा -नारी

 पांच तत्व की प्रतिमा -नारी  हमार काया को प्रभु ने पांच तत्वों से बनाया हवा,पानी ,अग्नि ,धरती और आकाश पर इनका आभास नारी में होता है ख़ास उनमे हवा तत्व है भरपूर मिलता उनकी इजाजत के बिना ,घर का...
*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

होली-रंगों का त्योंहार

 होली-रंगों का त्योंहार         आज होली दिवस भी है,         रंगों का  त्योंहार भी हैपर्व कल था जो दहन काआस्थाओं के दमन काकुटिलता के नाश का दिनभक्ति के  विश्वास का दिन         शक्ति के उस परि...
*साहित्य प्रेमी संघ* · 1Y ago

बीबी का एडिक्शन

           बीबी का एडिक्शन जिस दिन खाने को ना मिलती ,है बीबीजी  डाट हमे ,     वो सारा का सारा  दिन ही, सूना सूना सा लगता  है जिस सुबह नहीं हमको मिलती ,उनकी हाथों की बनी चाय ,     उस दिन गायब...