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હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 3M ago

क्या करे कोई !

221-2121-1221-212 अब क्या किसी के इश्क का दावा करे कोई, करता नही है कोई कि चर्चा करे कोई ! क्या जुर्म है ये इश्क?करो सात जन्म तक, चाहे सता सता के भी रूठा करे कोई! आँधी से भी चराग बुझाये न अब...
હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 3M ago

इश्क में कुछ तो अलामत ही सही

इश्क में कुछ तो अलामत ही सही, कुछ नहीं है तो अदावत ही सही ! हो तुझे परहेज़ गर फिर झूठ से, गुफ्तगू में तब सदाकत ही सही ! आ नहीं सकते वो अब जब वस्ल पर, दरमियाँ है ग़म,फलाकत ही सही ! खुश रहे ना...
હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 3M ago

तीर जब रोज़ चल रहें हैं अब

जब मुहब्बत में दर्द पाना है, किस लिए दिल यहां लगाना है ! इम्तिहाँ प्यार की कहाँ तक दें, जब सवालों में ही फसाना है ! पी लिया जह्र सोचकर ये जब, मौत ही आखरी ठिकाना है ! रातभर चैन से जो सोते हो,...
હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 3M ago

और क्या क्या ?

प्यार यादें फिर वफा है और क्या क्या ? शाम की ये सब दवा है और क्या क्या ? राज़ तो है इस सुखन के कुछ मेरे भी, उसमें वादे है जफ़ा है और क्या क्या ? अश्क बहते है यहाँ आँखो से फिर अब, ये जिगर भी ...
હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 3M ago

दौर-ए-हाजिर की ये कहानी है!

क्या यही इश्क की निशानी है, हुस्न उस में है और जवानी है! है मुहब्बत में अब हवस दाखिल, दौर-ए-हाजिर की ये कहानी है! इश्क में नाम उसका भी है आज, जिसने सहरा की खाक छानी है! सच बताने की है कहाँ ह...
હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 3M ago

दर्द के कोई बहाने यूँ न होते !

2122-2122-2122 तेरी दुन्या के दिवाने यूँ न होते, महफिलों में वो तराने यूँ न होते ! ये तमाशा भी न होता प्यार का तब, बाद मरने फिर शयाने यूँ न होते ! प्यार से तो बेखबर था मैैं उन्हीके, जानते गर...
હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 3M ago

जिंदगी पल पल हँसाती ही रही

2122-2122-212 जिंदगी पल पल हँसाती ही रही, प्यार में जीना सिखाती ही रही ! मौत आती है बिना दस्तक दिये, सोच उसकी पर डराती ही रही ! खोजते ही रह गये हम शाद पल, याद आ कर फिर सताती ही रही ! मेरी तन...
હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 3M ago

हिज्र के ग़म को बढ़ा कर वो गए !

२१२२ २१२२ २१२ वो कभी तन्हा सफर में खो गए, कैद फिर मेरे तसव्वुर हो गये ! तोडकर दिल फिर सुकूँ उनको मिला, देख सादाँ हम उसे खुश हो गए ! वस्ल की उम्मीद उसने छोड़ दी, हिज्र के ग़म को बढ़ा कर वो गए ! ...
હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 3M ago

मैं जो मरता हूँ, मरोगे तुम भी क्या?

2122-2122-212 प्यार है तुमसे, करोगे तुम भी क्या? मैं जो मरता हूँ, मरोगे तुम भी क्या? बेवफा तुम हो नहीं सकते कभी, खुदकुशी से अब, डरोगे तुम भी क्या? मत झुको तुम, नफरतो के सामने, प्यार में लेकि...
હ્રદય ઉતર્યુ કાગળ પર · 5M ago

कोई ठोकर लगी है क्या ?

221-2121-1221-212 दुनिया के खत्म होने की आयी घडी है क्या ? ग़ैरत की शम्आ चारों तरफ बुझ गयी है क्या ? हर सिम्त कत्ल ओ खून का मंजर गवाह है, शैतान से भी बढ के नहीं आदमी है क्या ? मज़हब के नाम प...