Add Your Blog | | Signup

PAAGAL-KHAANAA हमें पता है आप अंदर से क्या हैं।

Hindi - Fun, Philosophy, Satire
http://www.paagal-khaanaa.blogspot.com/
PAAGAL-KHAANAA · 11h ago

पहले करता है ज़िक़्रे-आज़ादी/माफ़िया तब ग़ुलाम करता है

ग़ज़लइससे जो मिलके काम करता हैमाफ़िया एहतिराम करता हैतुम्हारा डर है माफ़िया की ख़ुशीमाफ़िया ऐसे काम करता हैपहले करता है ज़िक़्रे-आज़ादीमाफ़िया तब ग़ुलाम करता हैहिंदू, मुस्लिम हैं सब क़ुबूल इसेमाफ़िया आ...
PAAGAL-KHAANAA · 1M ago

सामाजिक एडजस्टमेंट

एक समय की बात है एक अजीब-सी जगह पर, बलात्कार करनेवाले, बलात्कृत होनेवाले, बलात्कार देखनेवाले, बलात्कार का इरादा रखनेवाले सब मिल-जुलकर रहते थे। बीच-बीच में वे न जाने किसका विरोध और शिक़ायत कर...
PAAGAL-KHAANAA · 3M ago

हिटलर-बटलर

हास्य-व्यंग्यपता नहीं कितने भाई-बहिन थे पर दो का मुझे पता है-हिटलर और बटलर....हिटलर ख़बरें बनाता था और बटलर उन्हें बताकर लोगों को डराता था...‘सारी टॉफ़ियां मुझे दे दो वरना मेरा बड़ा भाई हिटलर ...
PAAGAL-KHAANAA · 3M ago

भुला दे डर, ज़रा नये तरह से डर

एक चैनल का यह विज्ञापन आपने देखा होगा। इसमें सर्वश्री/सुश्री अजय देवगन, धोनी, महिला खिलाड़ी आदि आती-जाते हैं।देखकर लगता है कि भारत में अजय देवगन, महेंद्र धोनी व महिला से पहले न तो कोई ऐक्टिंग...
PAAGAL-KHAANAA · 6M ago

अवसरवाद

लघुव्यंग्यभीड़-भरी बस में चढ़ते हुए लोग- ‘पहले चढ़ने दो भई, जानते नहीं चढ़ना कितना ज़रुरी है !?’भीड़-भरी बस से उतरते हुए लोग- ‘पहले उतरने दो भई, हम उतरेंगे नही तो आप चढ़ोगे कैसे !?’-संजय ग्रोवर22-0...
PAAGAL-KHAANAA · 6M ago

सिद्धू को देखता हूं

व्यंग्यमैं सिद्धू को देखता हूं।पता नहीं वे कॉमेडी शो की वजह से ऐसे हैं या कॉमेडी शो उनकी वजह से ऐसे हो गए हैं!आजकल कॉमेडी शो में लोग हंसने के बजाय तालियां बजाने लगे हैं। हो सकता है हंसीं की ...
PAAGAL-KHAANAA · 6M ago

अफ़वाह की डगर पे...

पैरोडीअफ़वाह की डगर पे चमचों चलो उछलकेइंजन कोई भी आए, डब्बे तुम्ही हो कल केअपने हों या पराए, किसको नज़र है आएये ज़िंदगी है अभिनय, करना भी क्या है न्यायरस्ते लगेंगे भारी, तुम हो ही इतने हलकेअफ़वा...
PAAGAL-KHAANAA · 7M ago

अकेला बनाम निराकार

उनके पास समाज है।उनके पास परिवार है। उनके पास धर्म है।उनके पास धर्मनिरपेक्षता है।उनके पास राजनीति है।उनके पास राजनीतिक पार्टियां हैं।उनके पास वाम है।उनके पास संघ है।उनके पास कवि हैं।उनके पास...
PAAGAL-KHAANAA · 10M ago

लाशलीला

‘मैं नहीं लूंगा’, एक ने कहा।दूसरों ने शुक्र मनाते हुए ठंडी सांस ली-‘हमपर है ही कहां जो देंगे’इसके साथ ही सब मिलजुलकर खीखी करते हुए मुर्दाघर में दफ़न हो गए।-संजय ग्रोवर
PAAGAL-KHAANAA · 11M ago

नालायक

सभी नालायक एक-दूसरे को बहुत लाइक/पसंद करते हैं।एक जैसे जो होते हैं।वैसे वे किसी काम के हो न हों पर एक-दूसरे के बहुत काम आते हैं।मिलजुलकर भी अकेले सच से वे डरते हैं।अंततः एक दिन वे ख़ुदको श्र...