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ANCHINHAR AKHAR · 5h ago

गजल

लूटक मंडीमे बैसल छी हमझूठक मंडीमे बैसल छी हमभेटैए रंग बिरंगक समाददूतक मंडीमे बैसल छी हमछै हुनके थारी सभहँक हिस्साभूखक मंडीमे बैसल छी हमअबियौ किनियौ हमरे दोकानसँछूटक मंडीमे बैसल छी हमकोठा बनल...
ANCHINHAR AKHAR · 11h ago

आशीष अनचिन्हारक सभ पोथीक लिंक एकठाम

1) अनचिन्हार आखर (गजल, रुबाइ आ कताक संग्रह)2) मैथिली गजलक व्याकरण ओ इतिहासगजेन्द्र ठाकुर/ आशीष अनचिन्हार (सम्पादन)1) मैथिलीक प्रतिनिधि गजल (1905सँ 2016 धरि)2) मैथिली गजल: आगमन ओ प्रस्थान बिं...
ANCHINHAR AKHAR · 15h ago

आशीष अनचिन्हारक सभ लेख आलेख समीक्षा आलोचनाक लिंक एक ठाम

आशीष अनचिन्हारक सभ लेख आलेख समीक्षा आलोचनाक लिंक एक ठामअरबी-फारसी-उर्दूक अन्य काव्य विधागजलक  संक्षिप्त परिचय  भाग-1गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-2गजलक संक्षिप्त परिचय भाग-3गजलक संक्षिप्त परिचय भ...
ANCHINHAR AKHAR · 15h ago

आशीष अनचिन्हारक सभ कता एक ठाम

1देखिते हुनका करेजक गाछ मजरि गेलप्रेम गमकए लागल पहिल गोपी जकाँलगबिते चोभा गिनगी हमर सम्हरि गेलबनि गेलहुँ हम कृष्ण अहाँ गोपी जकाँ2जकर अगैंठीमोड़ एतेक सुन्दरतकर देहक हिलकोर केहन हेतैकजकर आँखिक...
ANCHINHAR AKHAR · 15h ago

आशीष अनचिन्हारक सभ रुबाइ एक ठाम

1हिम्मति रखने काज सदा बनि जाएतदेह तँ जरत नाम मुदा रहि जाएतइ जे देखा रहल समस्या केर पहाड़ठानि लेब तँ रुइ जकाँ उड़ि जाएत2भेटत खुशी केकरो देखलाक बादकेकरो ठोरसँ नाम सुनलाक बादकहबामे लागत बरु एकै...
ANCHINHAR AKHAR · 1d ago

रुबाइ

देखू कनैत कनैत धार बनि गेलहुँदुनियाँमे रहितो अनचिन्हार बनि गेलहुँहम काँट छलहुँ कोनो रस्ता परहँकहुनक पएरमे गड़ि कचनार बनि गेलहुँ 
ANCHINHAR AKHAR · 2d ago

गजल

आइ फेर निंद नै अबैए आइ फेर कियो जागल हेतैआइ फेर मोन नै लगैए आइ फेर कियो जागल हेतैआइ फेर चोट लागि गेलै आइ फेर कियो मलहम देलकआइ फेर दर्द बड़ उठैए आइ फेर कियो जागल हेतैआइ फेर देह छू कियो चलि गे...
ANCHINHAR AKHAR · 1W ago

गजल

भक्ति गजलआयू पूरल जौबन छूटलसुत मित दुनियाँ सेहो रूसलअप्पन अनकर हम्मर हुनकरअतबेमे ई जीवन बीतलकोठा सोफा अहिना रहतैई चर्चा हमरे नै बूझलजिनका बुझलहुँ अपना अपनीअंत समय से टन्ना लूटलदुरजन डूबल सुव...
ANCHINHAR AKHAR · 1W ago

गजल

देह बसिया गेल छैमोन मसुआ गेल छैबाढ़ि रौदी सभ सहीमेघ अगड़ा गेल छैफाइलो सभ कहि रहलकाज अधिया गेल छैआइ फेरो हेतै किछुबात भजिया  गेल छैपानि चाहै ठोरकेँधार डेरा गेल छैसभ पाँतिमे 2122 + 212 मात्राक...
ANCHINHAR AKHAR · 2W ago

रुबाइ

नेहक जतेक रंग से सभ टा अनचिन्हारमोनक जतेक रंग से सभ टा अनचिन्हारकिनकर हाथक कोन रंग लगलै पता नैदेहक जतेक रंग से सभ टा अनचिन्हार