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एक शाम मेरे नाम संगीत और साहित्य की धारा में बहने के ल

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एक शाम मेरे नाम · 2d ago

रिश्तों के सारे मंज़र चुपचाप देखता हूँ Rishton ke Sare Manzar...

जगजीत सिंह के जाने के बाद ग़ज़ल के एलबमों का अकाल सा हो गया है। संगीत कंपनियों को लगता है कि लोगों को ख़ालिस ग़ज़ल की समझ नहीं है इसलिए ग़ज़लों के जो इक्का दुक्का एलबम रिलीज़ होते हैं उनमें ...
एक शाम मेरे नाम · 2W ago

तू जो मेरे सुर में, सुर मिला ले, संग गा ले... Tu jo Mere Sur Mein..Songs of Chitchor

बहुत कम ही ऐसी फिल्में होंगी जिसका हर एक इक नग्मा मकबूलियत की सीढ़ियाँ चढ़ने में कामयाब रहा हो। चितचोर ऐसे ही एक फिल्म थी जिसके चारों गाने बेहद मशहूर  हुए। येशुदास की शानदार आवाज़, हेमलता का स...
एक शाम मेरे नाम · 1M ago

जलाओ दीये पर रहे ध्यान इतना..अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए Jalao Diye Par Rahe Dhyan Itna

दीपावली एक ऐसा पर्व है जिसे अकेले मनाने का मन नहीं होता। दीपावली के पहले की सफाई से लेकर उस दिन एक साथ पूजा करना, बड़ों से आशीर्वाद लेना ,बच्चों की खुशियों में साझेदार बनना मुझे हमेशा से बेहद...
एक शाम मेरे नाम · 1M ago

जब दीप जले आना, जब शाम ढले आना Songs of Chitchor : Jab Deep Jale Aana ...Part- I

रवींद्र जैन को गुजरे दो साल हो गए हैं। नौ अक्टूबर 2015 को उन्होंने हमसे विदा ली थी।  यूँ तो करीब चार दशकों के सक्रिय कैरियर में उन्होंने दर्जनों फिल्में की पर सत्तर के दशक में राजश्री प्रोडक...
एक शाम मेरे नाम · 1M ago

मैंने इक किताब लिखी है... सज्जाद अली Tera Naam by Sajjad Ali

सज्जाद अली की आवाज़ से पहली बार मैं फिल्म बोल के गीत दिल परेशां है रात भारी है से परिचित हुआ था और तबसे मैं उनकी आवाज़ का शैदाई हूँ। यूँ तो उन्होंने हर तरह के गीत लिखे हैं पर उदासी भरे गीतों...
एक शाम मेरे नाम · 2M ago

कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास...

एक दशक पहले की बात है। वो ब्लॉगिंग के शुरुआती दिन थे और तभी अमित कुलश्रेष्ठ से आभासी जान पहचान हुई थी। टिप्पणियों के आलावा कभी कभी चैट पर भी बातें हो जाया करती थीं, जिनका मुख्य विषय अक़्सर क...
एक शाम मेरे नाम · 2M ago

रस घोलता रवींद्र संगीत : तुमी रोबे नीरोबे Tomi Robe Nirobe

रवींद्र नाथ टैगोर एक कवि, उपन्यासकार, चिंतक तो थे ही, साथ ही एक गीतकार और संगीतकार भी थे। दो हजार से ज्यादा गीतों को लिखना और उनकी धुन तैयार करना इस बहुमुखी प्रतिभा वाले व्यक्तित्व का कमाल ह...
एक शाम मेरे नाम · 2M ago

हसरत की वो 'हसरत' जो कभी पूरी नहीं हुई : तेरी ज़ुल्फ़ों से जुदाई तो नहीं माँगी थी Teri Zulfon se Judai to...

सितंबर का महीना हसरत जयपुरी साहब की रुखसती का महीना है। करीब दो दशक गुजर गए उन्हें हमारा साथ छोड़े हुए। फिर भी रेडियो पर आज भी उनके गीतों की फ़रमाइशें  ख़त्म होने का नाम नहीं लेतीं। उनके गीतों...
एक शाम मेरे नाम · 3M ago

चल चल सखि पिया के पास.. Chal Chal Sakhi

शंकर टकर मेरे पसंदीदा संगीतज्ञ हैं। अमेरिका से भारत आ कर बसने वाले इस क्लारिनेट वादक ने जिस तरह हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत को आत्मसात किया है उसकी विस्तृत चर्चा मैंने उनके एलबम श्रुति बॉक्स...
एक शाम मेरे नाम · 4M ago

कहाँ से आए बदरा..रोए मन है पगला Kahan Se Aaye Badra ...

मौसम सावन का  है। वर्षा की हल्की हल्की फुहारें बंद होने का नाम नहीं ले रहीं और काले बादल मेरे शहर में यूँ खूँटा डाले हैं जैसे कह रहे हों कि कभी तो घर से निकलोगे? आज तो तर कर के ही छोड़ेंगे। इ...