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GUZARISH · 2W ago

शरद पूर्णिमा ( कुंडलिया )

झरती किरणों से सुधा, शरद पूर्णिमा रात।शरदोत्सव ले आ गया,ऊर्जा की सौगात।।ऊर्जा की सौगात, शरद चाँद स्वच्छ लायेरखो रात में खीर , दिव्य औषध बन जायेसरिता मिटते रोग,शक्ति ,धन, सेहत मिलती।धवल चाँद,...
GUZARISH · 3W ago

विजयादशमी (कुंडलिया)

आया उत्सव विजय का,विजयादशमी नाम।आज दशानन मार कर ,बोलो जय श्री राम।।बोलो जय श्री राम , हार कर चली बुराई महिषासुर को मार,आज जीती अच्छाई काम,क्रोध,मद, लोभ,अहम को अगर जलाया।सरिता उस दिन मान,विजय...
GUZARISH · 3W ago

महागौरी माँ ( कुंडलिया )

चम चम अष्टम रूप है, कर लो माँ का ध्यान।उज्ज्वल मंगलदायिनी ,देती माँ वरदानदेती माँ वरदान ,महागौरी रूप धवलशिवा,शाम्भवी नाम,गौर वर्ण पूरण नवल माँ के हाथ त्रिशूल,बजे है डमरू डम डम सरिता छाया ओज,...
GUZARISH · 3W ago

कालरात्रि माँ ( कुंडलिया )

काली माँ है सातवाँ, दुर्गा जी का रूप।शुभंकरी फलदायिनी ,इसका रूप अनूपइसका रूप अनूप, विकट कालरात्रि माईधनुष ,चक्र,गदा,बाण,केश फैलाकर आईकृष्णा ,काली और , नाम त्रिनेत्री करालीगर्दव हुई सवार ,पधा...
GUZARISH · 3W ago

कात्यायनी माँ ( कुंडलिया )

ध्याते षष्ठम रूप को ,देती है माँ शक्ति।कल्याणी कात्यायनी,कर लो माँ की भक्ति।।कर लो माँ की भक्ति,मनोवांछित है मिलता एक हाथ तलवार,कमल दूजे में खिलतामिट जाते संताप ,शरण माँ की जो आतेमाँ का स्वर...
GUZARISH · 3W ago

स्कन्दमाता माँ ( कुंडलिया )

कहें स्कन्दमाता जिसे,पंचम रूप/दिवस अनूप कर लो इसकी अर्चना, दिव्य अलौकिक रूपदिव्य अलौकिक रूप, सदा माँ है सुखदायीगोद लिए माँ स्कन्द ,चतुर्भुज वह फलदायीमिले मोक्ष का द्वार ,मनुज मनवांछित पाता स...
GUZARISH · 4W ago

कूष्मांडा देवी [ कुंडलिया ]

साधक करते साधना ,होते सफल प्रयास।कूष्मांडा देवी करे, पूर्ण मनुज हर आस।।पूर्ण मनुज हर आस, करे अष्टभुजा मैया होकर सिंह सवार, पार करती माँ नैया सरिता माँ के भक्त,नहीं विपदा से डरते रोग ,कष्ट से...
GUZARISH · 4W ago

चंद्रघंटा माँ ( कुंडलिया )

मैया तेरा तीसरा ,उज्ज्वल है अवतार।अर्ध चंद्र माथे सजा, घंटे का आकार।घंटे का आकार,  चंद्रघंटा कहलायेअस्त्र शस्त्र दस हाथ,पुष्प उज्ज्वल अति भायेमाँ से पा लो शांति,करो मत तेरा मेरा सरिता करे अर...
GUZARISH · 4W ago

ब्रह्मचारिणी देवी ( कुंडलिया )

मैया जी का दूसरा, ब्रह्मचारिणी रूप।यह है तप की चारिणी,माँ का रूप अनूप।।माँ का रूप अनूप ,बनी शिव की वो हालालिये कमंडल वाम, हाथ दायें में मालातप संयम लो सीख, पार हो सरिता नैयापूर्ण करे नवरात्र...
GUZARISH · 4W ago

शैलपुत्री देवी ( कुंडलिया)

अम्बे माँ का प्रथम दिन ,लाया शुभ आगाज।रूप शैलपुत्री धरा, कर मैया पर नाज।।कर मैया पर नाज, वृषभ वाहन बन आयादायें हस्त त्रिशूल,कमल बायें अपनायाउज्ज्वल शांति प्रतीक,विराजो माँ जगदम्बेसरिता अविचल...