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Kashish - My Poetry · 3W ago

दर्द बिन ज़िंदगी नहीं होती

दर्द जिसकी दवा नहीं होती,ज़िंदगी फ़िर सजा नहीं होती।चाँद आगोश में छुपा जब हो,नींद भी नींद है नहीं होती।ज़िंदगी साथ में गुज़र पाती,चाँद की चांदनी नहीं रोती।कुछ तो कह कर जो गये होते,तस्कीने दिल कु...
Kashish - My Poetry · 2M ago

क्षणिकाएं

    (1)चहरे पर जीवन केउलझी पगडंडियांउलझा कर रख देतींजीवन के हर पल को,जीवन की संध्या मेंझुर्रियों की गहराई मेंढूँढता हूँ वह पलजो छोड़ गये निशानीबन कर पगडंडी चहरे पर।    (2)
Kashish - My Poetry · 3M ago

दुख दर्द दहन हो होली में

दुख दर्द दहन हो होली में,हो रंग ख़ुशी के होली में।तन मन आंनदित हो जाये,जब रंग उड़ेंगे होली में।सब भेद भाव मिट जायेंगे,जब गले मिलेंगे होली में।
Kashish - My Poetry · 3M ago

बेटी

आँगन है चहचहाता, जब होती बेटियां,गुलशन है महक जाता, जब होती बेटियां।आकर के थके मांदे, घर में क़दम रखते,हो जाती थकन गायब,जब होती बेटियां।रोशन है रात करतीं, जुगनू सी चमक के,जीने की लगन देती, जब...
Kashish - My Poetry · 3M ago

कैसी यह मनहूस डगर है

भूल गयी गौरैया आँगन,मूक हुए हैं कोयल के स्वर,ठूठ हुआ आँगन का बरगद,नहीं बनाता अब कोई घर।लगत...
Kashish - My Poetry · 4M ago

क्षणिकाएं

जीवन की सांझएक नयी सोचएक नया दृष्टिकोण,एक नया ठहरावसागर की लहरों का,एक प्रयास समझने काजीवन को जीवन की नज़र से।*****होता है कभी आभासकिसी के साथ होने काघर के सूनेपन में,दिखाता है कितने खेल
Kashish - My Poetry · 7M ago

समस्याएं अनेक, व्यक्ति केवल एक

समस्याएँ अनेकउनके रूप अनेकलेकिन व्यक्ति केवल एक।नहीं होता स्वतंत्र अस्तित्वकिसी समस्या या दुःख का,नहीं होती समस्याकभी सुप्तावस्था मेंजब जाग्रत होता 'मैं'घिर जाता समस्याओं से।मेरा 'मैं'देता ए...
Kashish - My Poetry · 9M ago

संवेदनहीनता

दफ्न हैं अहसासमृत हैं संवेदनाएं, घायल इंसानियत ले रही अंतिम सांस सड़क के किनारे,गुज़र जाता बुत सा आदमी मौन करीब से.नहीं है अंतर गरीब या अमीर मेंसंवेदनहीनता की कसौटी पर.
Kashish - My Poetry · 10M ago

ज़िंदगी कुछ नहीं कहा तूने

ज़िंदगी कुछ नहीं कहा तूने,मौन रह कर सभी सहा तूने।रात भर अश्क़ थे रहे बहते,पाक दामन थमा दिया तूने।लगी अनजान पर रही अपनी,दर्द अपना नहीं कहा तूने।फूल देकर सदा चुने कांटे,ज़ख्म अपना छुपा लिया तूने।
Kashish - My Poetry · 11M ago

याद दे कर न तू गया होता

काश तुमसे न मैं मिला होता,दर्द दिल में न ये पला होता।रौनकों की कमी न दुनिया में,एक टुकड़ा ह...