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Laxmirangam · 1d ago

निर्णय

निर्णय ( भाग -1) बी एड में अलग अलग कॉलेजो से आए हुए अलग अलग विधाओं के विद्यार्थी थे । सबकी शैक्षणिक योग्यताएँ भी समान नहीं थीं । रजत इतिहास में एम ए था । उसे लेखन का शौक था और वह बहुत ...
Laxmirangam · 5d ago

पुस्तक प्रकाशन

पुस्तक प्रकाशन हर रचनाकार, चाहे वह कहानीकार हो, नाटककार हो या समसामयिक विषयों पर लेख लिखने वाला हो, कवि हो या कुछ और, चाहेगा कि मेरी लिखी रचनाएं पुस्तक का रूप धारण करें. हाँ शु...
Laxmirangam · 2W ago

एक पुस्तक की प्रूफ रीडिंग

एक पुस्तक की प्रूफ रीडिंग सबसे पहली बात: “प्रूफ रीडर का काम पुस्तक में परिवर्तन करना नहीं है, केवल सुझाव देने हैं कि पुस्तक में क्या कमियां हैं और उनका निराकरण कैसे किया जाए. अ...
Laxmirangam · 2M ago

मजबूरियाँ

मजबूरियाँ. मिटा ही न देना तुम दूरियां समझो जमाने की मजबूरियाँ ।।  इतनी बढ़ाओ न नजदीकियाँ, बढ़ती रहेंगी तो खुशियाँ मिलेंगी तिनकों के सागर सी दुनियां मिलेगी झूमेंगे तन मन औ बगिया खिलेगी ।। म...
Laxmirangam · 2M ago

अनहोनी

अनहोनी ना तुम धरा,  ना मैं गगन, पर क्षितिज पाना चाहते हैं रेल की दो पटरियों को   हम मिलाना चाहते हैं। रात दिन के चक्र में, संध्याएँ ही आनंदमय हैं हम हरसमय और हर हमेशा, संध्या में रहना चाह...
Laxmirangam · 2M ago

एहसान

एहसान मेरे दोस्त, तेरे बहुत एहसान हैं मुझ पर, बस एक और एहसान करना, कल सुबह मेरे घर आकर मेरी लाश ले जाना, बस एक रात और अकेला छोड़ दो, शाँति से मरने को भी एकांत चाहिए ना. कर देना फोन उन देहद...
Laxmirangam · 2M ago

माली

माली उस दिन एक चिड़िया मेरे बगीचे में कोई बीज गिरा गई. पता तो तब चला जब बाग में  सिंचाई से वह अंकुरित हो उठा । नन्हीं कोंपलें कितनी प्यारी लग रहीं थीं, कैसे बखान करूँ शब्दों में। इसे मेर...
Laxmirangam · 3M ago

मेरी अगली पुस्तक का मुख पृष्ठ (कवर) - अप्रेल 2017 प्रकाशन की संभावना.

Laxmirangam · 3M ago

एक रात की व्यथा कथा

एक रात की व्यथा - कथा बहुत मुश्किल से स्नेहा ने अपना तबादला हैदराबाद करवाया था चंडीगढ़ से. पति प्रीतम पहले से ही हैदराबाद में नियुक्त थे. प्रीतम खुश था कि अब स्नेहा और बेटी आशिया भी साथ ...
Laxmirangam · 4M ago

रूठना - मनाना

रूठना - मनाना अगर है ना-गवारा तो,  मैं अपना दर बदल लूँगा, अगर बेहद कहो तुम तो, मैं हद से भी गुजर लूँगा।। मगर दोनों नहीं मंजूर होंगे, है पता मुझको किसे किस हदमें रखना है खबर ...