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नमस्ते मन की बातें बन जाती कवितायें

Hindi - Kavita, Poems, Hindi
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नमस्ते · 1M ago

We Shall Overcome

Ever thought why the morning sunshine is so rejuvenating and even the mellow twilight is s...
नमस्ते · 1M ago

मैं एक मामूली मिट्टी का दिया

मैं एक मामूली मिट्टी का दिया हूँ ।मैं मनोबल हूँ ।जो अंतर में, अलख जगाये,आस बँधाये ।मैं एक ...
नमस्ते · 1M ago

मैं एक दिया हूँ

मैं एक दिया हूँ । उजाले में, कोई मुझे क्यों जलाये ?मेरा काम ही है, अँधेरे में बलना । अँधेरा ना हो, तो कोई मुझे क्यों आज़माये ?
नमस्ते · 1M ago

जीवेम शरदः शतं

जीवेम शरदः शतं  ! सौ बरस जियो  !अथवा जितने बरस जियो  . . हर पल को सौ गुना जियो !नेक बनो ।सादादिल रहो ।कुछ अच्छा करने का संकल्प करो ।कर्म करो  . .    जैसा गीता में कृष्ण ने कहा ।भक्त प्रह्लाद...
नमस्ते · 6M ago

जिसे छिन - छिन गढ़ा गया . .

कविता है, कर्म की भूमिका ।पहले कभी थी ,मन की व्यथा अथवा जीवन की कथा ।कभी - कभी कल्पना ,अनुभव की विवेचना ।और हमेशा सरलता की आभा  . . प्रसन्न निश्छल ह्रदय की मयूरपंखी छटा ।जाने क्या - क्याअनुभ...
नमस्ते · 8M ago

कमाई

"पाँच रुपये का गम देना" . . स्टेशनरी की दुकान पर  एक बच्चे ने कहा  . . तो हँसी आ गई !मन में सोचा -बच्चा है !तब ही पैसे देकर ग़म खरीद रहा है !मासूम है !दुनिया की रवायतों से अनजान है,सो ग़म का स...
नमस्ते · 8M ago

दुःख के लिए जगह मत छोड़ो

सुख इतना उपजाओ मन में, दुःख के लिए जगह मत छोड़ो।  मिट्टी में बीज बो कर देखो। फिर देखो कितनी...
नमस्ते · 8M ago

कोई सुन रहा है

कई बार ऐसा होता है  . . जब धूप ढ़ल रही होती है,   अंतर्मन में कहीं सूर्य अस्त होने लगता है ...
नमस्ते · 8M ago

वर दे माँ !

माँ सरस्वती वर दे !मन के मौन स्वरमुखर कर दे !वर दे !वरद हस्तशीश पर रख दे !मस्तक परजिजीविषा का तिलक कर दे !आत्मबल का चन्दन लेप दे !स्वाभिमान लिख दे !वर दे !भवितव्य का सामना करने कासाहस दे माँ !भाग्य को बदलने कामनोबल दे माँ !संघर्ष में सुख खोजने कीदृष्...
नमस्ते · 9M ago

समझो महिमा !

कोल्हू का बैल उन्हें चाहिए  . . आकाओं को ।कोल्हू का बैल जो कभी चूँ तक ना करे ।जो कहें, बस उतना करे । बस तेल बढ़िया निकलना चाहिए,चारे का इंतज़ाम तो हो जाएगा ।सवाल मत पूछा करो  !जी हजूरी किया कर...