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Sehar · 6d ago

इतिहास में दफ़्न होता - भवाली सेनिटोरियम नैनीताल ( उत्तराखंड )

नैनीताल से 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह सेनिटोरियम कुछ वर्ष पूर्व तक भी बेहद मशहूर था। ...
Sehar · 1M ago

तू न चलेगा तो चल देंगी राहें

इस दुनिया में जितने तरह के नाम है उतने ही तरह के निराले इंसान  जैसे इस धरा में पुष्पित हुए हैं पुष्प नाना प्रजाति नाना प्रकार के उनके 
Sehar · 1M ago

बुरा जो देखन मैं चला, मुझसे बुरा न कोई

"दूसरों के गुणों की तरफ देखो और अपने दोषों की तरफ।" माँ हमेशा कहती है। "तो माँ, कुल जमा ये...
Sehar · 1M ago

कलयुग की भग्वद गीता ( व्हाट्सऐप से प्राप्त ज्ञान )

हे पार्थ,  ||  तुम पिछले मेसेज का पश्चाताप मत करो ||  || तुम
Sehar · 2M ago

मेरा नाम करेगा रोशन जग में मेरा राज दुलारा

"अजी सुनते हो...कहाँ चले गए ?" " पंछी उठ गए। दुनिया उठ कर कहाँ से कहाँ पहुँच गयी। और एक ये...
Sehar · 2M ago

नंदादेवी के घर में महादेवी - मीरा कुटीर - रामगढ़, नैनीताल ( उत्तराखंड )

विस्तृत नभ का कोई कोना,मेरा न कभी अपना होना,परिचय इतना इतिहास यही उमड़ी कल थी मिट आज चली।  मैं नीर भरी दुःख की बदली।
Sehar · 3M ago

सुन रही हो पुष्पा

" माँ...कितनी बार कहा आपसे मेरा कमरा ठीक मत किया करो.... मेरी डायरी नहीं मिल रही। "" हवा में नज़र रखता है। ठीक से देख। वहीं कहीं होगी। एक तो कमरा सड़ा के रखता है। ठीक कर दो तो इसकी दो बातें सु...
Sehar · 3M ago

एक हमारा ज़माना था

" सुन क्या कर रही है तू तब से ? चल आ खाना खा ले पहले। "टू मिनट्स माँ। " वह मोबाईल से आंखें नहीं हटा पाती। "आग लगे इस मोबाईल को। मोबाईल..और आजकल की ये नई पौध। जल्दी आ, फिर मैं किचन समेटूं। चं...
Sehar · 4M ago

उलझे हुए हैं आज सवालों की भीड़ में

जब हम सीख लेते हैं कहना सुनना और शब्दों से खेलना हमें लगता है हमने कविता कह दी जब हम सीख ल...
Sehar · 4M ago

अलमस्त सहर, बेक़रार साँझ - मुक्तेश्वर की वादियों में ( उत्तराखंड )