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Mohitness {मोहितपन} · 1W ago

चाहे दरमियाँ दरारें सही! (Ishq Baklol Poetry)

कल देवेन पाण्डेय जी की नॉवेल इश्क़ बकलोल की प्रति मिली। :) किताब का अमेज़न हार्डकॉपी लिंक जल्द ही एक्टिव होगा। उपन्यास शुरू होने से पहले किताब के 2 पन्नो पर मेरी कलम है....दरिया में तैरती बोतल...
Mohitness {मोहितपन} · 2W ago

Kavya Comic - Matlabi Mela (मतलबी मेला)

New poetry Comic "Matlabi Mela" published, based on my 2007 poem of the same name. *Bonus* Added an extra poem खाना ठंडा हो रहा है... in the end.Language: Hindi, Pages: 22Illustration - Anuj...
Mohitness {मोहितपन} · 3W ago

साक्षात्कार: देवेन पाण्डेय (इश्क़ बकलोल वाले)

देवेंद्र (देवेन) पाण्डेय जी से मेरा परिचय एक कॉमिक कम्युनिटी पर हुआ। वहाँ कई प्रशंसक कॉमिक समीक्षा, फैन फिक्शन, कला, विचार साझा करते हैं। समीक्षाओं, विचारों की सीढ़ी चढ़ते हुए देवेन भाई के लेख...
Mohitness {मोहितपन} · 1M ago

झुलसी दुआ (कहानी) #ज़हन

सरकारी नौकरी की तैयारी में कई वर्ष बिताने के बाद सोमेश का चयन अग्निशमन कर्मी पद पर हुआ। जहाँ घरवालों में जोखिम भरी नौकरी को लेकर सवाल और चिंता थी वहीं सोमेश के तो जैसे मन की मुराद पूरी हो गय...
Mohitness {मोहितपन} · 1M ago

पैमाने के दायरों में रहना... (नज़्म) #ज़हन

पैमाने के दायरों में रहना,छलक जाओ तो फिर ना कहना... जो जहां लकीरों की कद्र में पड़ा होउस से पंखों के ऊपर ना उलझना...किन्ही मर्ज़ियों में बिना बहस झुक जाना,तुम्हारी तक़दीर में है सिमटना...पैमाने...
Mohitness {मोहितपन} · 1M ago

कलरब्लाइंड साजन (कहानी) #ज़हन

"देखना ये सही शेड बना है? आना ज़रा...""मैं नहीं आ रही! जब कोई काम कर रही होती हूँ तभी तुम्हे बुलाना होता है।"अपने कलाकार पति आशीष को ताना मारती हुई और दो पल पहले कही अपनी ही बात ना मानती हुई ...
Mohitness {मोहितपन} · 3M ago

बोगस परग्रही (कहानी) #ज़हन

बोगस परग्रही सीरीज़ में आपका स्वागत है। यहाँ हर एपिसोड में हम कवर करेंगे भौजीकसम ग्रह के दो खोजी-टोही वैज्ञानिक कुच्चु सिंह और पुच्चु सिंह के रोमांचक कारनामे। ब्रह्माण्ड में तैरते अनगिनत पत्थ...
Mohitness {मोहितपन} · 3M ago

तेज़ाबी आँखें (कहानी) #ज़हन

**Warning: Contains Strong Language**पिछले कुछ समय से सीतापुर स्थित एक स्वयंसेवी संस्था के संचालक अनिक कृष्णन देश और दुनिया की सुर्ख़ियों में छाये थे। एकतरफा प्यार और खुन्दक की वजह से हुए एसि...
Mohitness {मोहितपन} · 4M ago

कुपोषित संस्कार (व्यंग)

वर्ष में एक बार होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, हवन के बाद अपने अपार्टमेंट की छत पर चिड़ियों को पूड़ी-प्रसाद रखने गया तो 150 पूड़ियाँ देख के मन बैठ गया कि मेरी पूड़ी तो इतनी कुरकुरी भी नहीं लग रही ज...
Mohitness {मोहितपन} · 4M ago

टीनएज ट्रकवाली (कहानी) #ज़हन

थाने में बैठा कमलू सिपाहियों, पत्रकारों और कुछ लोगो की भीड़ लगने का इंतज़ार कर रहा था ताकि अपनी कहानी ज़्यादा से ज़्यादा लोगो को सुना सके। पुलिस के बारे में उसने काफी उल्टा-सुल्टा सुन रखा था तो ...